



نظرية الذمة المالية-دراسة مقارنة
يتناول هذا الكتاب نظرية الذمة المالية في الباب الأول فيقول هي عبارة عن مجموع ما للإنسان من حقوق وما عليه من ديون تقدر بالنقود منظورا إليها باعتبارها مجموعة قانونية وعلى هذا لا يعتبر من الذمة المالية جميع الحقوق والدعاوى التي ليست لها قيمة مالية.
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| SKU &Barcode | |
| SKU | 1BO010301422052XXX |
| Barcode | 9789957165369 |
| Author | |
| Author | د.منصور حاتم الفتلاوي, د.منصور حاتم الفتلاوي |
| Page Number | |
| Page Number | 160 |
| Publisher | |
| Publisher | دار الثقافة والنشر والتوزيع |
| Year Of Edition | |
| Year Of Edition | 2010 |
| SKU &Barcode | |
| SKU | 1BO010301422052XXX |
| Barcode | 9789957165369 |
| Author | |
| Author | د.منصور حاتم الفتلاوي, د.منصور حاتم الفتلاوي |
| Page Number | |
| Page Number | 160 |
| Publisher | |
| Publisher | دار الثقافة والنشر والتوزيع |
| Year Of Edition | |
| Year Of Edition | 2010 |

